Triyama Blogs

By Rohit J on Feb 29, 2016, 12:00 AM

वक़्त का पता नहीं चलता अपनों के साथ..... पर अपनों का पता चलता है, वक़्त के साथ... वक़्त नहीं बदलता अपनों के साथ, पर अपने ज़रूर बदल जाते हैं वक़्त के साथ...!!!

Know More


By Rohit J on Feb 28, 2016, 12:00 AM

कोई सोना चढाए , कोई चाँदी चढाए ; कोई हीरा चढाए , कोई मोती चढाए ; चढाऊँ क्या तुझे भगवन ; कि ये निर्धन का डेरा है ; अगर मैं फूल चढाता हूँ , तो वो भँवरे का जूठा है ;...

Know More


By Rohit J on Feb 27, 2016, 12:00 AM

ज़िन्दगी पल-पल ढलती है, जैसे रेत मुट्ठी से फिसलती है... शिकवे कितने भी हो हर पल, फिर भी हँसते रहना... क्योंकि ये ज़िन्दगी जैसी भी है, बस एक ही बार...

Know More


By Rohit J on Feb 26, 2016, 12:00 AM

  Question→ जीवन का उद्देश्य क्या है ? Answer→ जीवन का उद्देश्य उसी चेतना को जानना है - जो जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है। उसे जानना ही मोक्ष है..!! Question→ जन्म और मरण...

Know More


By Rohit J on Feb 25, 2016, 12:00 AM

घनश्यामदास जी बिड़ला का अपने पुत्र बसंत कुमार जी बिड़ला के नाम 1934 में लिखित एक अत्यंत प्रेरक पत्र जो हर एक को जरूर पढ़ना चाहिए - चि. बसंत..... यह जो लिखता हूँ उसे बड़े होकर और बूढ़े होकर भी...

Know More